पब्लिक मंच नेटवर्क, डबवाली (रवि मोंगा)
गांव सक्ताखेड़ा के धारणिया परिवार द्वारा अपनी वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा को निभाते हुए संगरिया के समीप स्थित दीनगढ़ धाम में पहुंचकर एडवोकेट नोबीसन बिश्नोई के विवाह (गठजोड़े) की खुशी में श्री बालाजी महाराज को स्वर्ण सीढ़ी अर्पित की गई। परिवार की यह परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है। बताया जाता है कि नोबीसन बिश्नोई के परदादा स्वर्गीय चौधरी कान्हा राम जी धारणिया के समय से ही श्री बालाजी महाराज के आशीर्वाद से परिवार की वंश परंपरा आगे बढ़ती रही। तभी से परिवार में बेटे के विवाह के उपलक्ष्य में दीनगढ़ धाम में स्वर्ण सीढ़ी अर्पित करने की यह परंपरा शुरू हुई। वर्तमान में यह परंपरा चौथी पीढ़ी तक पहुंच चुकी है, जिसमें एडवोकेट नोबीसन बिश्नोई का विवाह संपन्न हुआ।
विवाह उपरांत परंपरा अनुसार दीनगढ़ धाम में गठजोड़े की धोक लगाई गई। इस अवसर पर गांव सक्ताखेड़ा से चौधरी विक्रमजीत धारणिया, इन्द्रजीत बिश्नोई, राजेश कुमार (सुपुत्र स्व. केसराराम धारणिया) सहित परिवारजन, रिश्तेदार, मित्रगण व महिलाओं समेत लगभग 100 श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों के साथ भजन-कीर्तन करते हुए धाम पहुंचे। सभी ने श्रद्धा भाव से श्री बालाजी महाराज के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस मौके पर दीनगढ़ धाम मंदिर के अध्यक्ष सुभाष कुमार जाखड़ व मंदिर कमेटी के सदस्यों की मौजूदगी में स्वर्ण सीढ़ी अर्पित की गई। वहीं गांव दीनगढ़ गांव से धारणिया परिवार के जयपाल धारणिया, इन्द्राज धारणिया, काशीराम धारणिया व राजेंद्र कुमार धारणिया भी इस पावन अवसर के साक्षी बने। मन्दिर कमेटी ने गांव सक्ताखेड़ा से गए धारणिया परिवार के सदस्यों को स्मृति चिन्ह व पटका पहनाकर सम्मानित किया।
धार्मिक यात्रा के पश्चात गांव सक्ताखेड़ा स्थित निवास स्थान पर रात्रि में भव्य जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें पैदल यात्रा संघ सालासर-डबवाली की ओर से भजन सुनाकर श्री बाला जी का गुणगान किया गया। जागरण में गांव व आसपास क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बालाजी महाराज के भजनों का आनंद लेते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया। इस आयोजन में भोडिया खेड़ा फतेहाबाद से जोगिन्द्रपाल सिहाग, एडवोकेट सरदार सुखबीर सिंह बराड़, एडवोकेट सरदार अमनदीप सिंह विरक, एडवोकेट यत्नजीत सिंह सरां एवं एडवोकेट अशोक बिश्नोई भी पहुंचे।
उपरोक्त जानकारी देते हुए इन्द्रजीत बिश्नोई ने बताया कि धारणिया परिवार की दीनगढ़ धाम में धोक लगाने की परंपरा वर्षों पुरानी है और परिवार का अटूट विश्वास है कि श्री बालाजी महाराज हर श्रद्धालु की मनोकामना पूर्ण करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हर माह की चौदश पूर्णिमा को दीनगढ़ धाम में विशाल मेला भरता है, जिसमें डबवाली से भी श्रद्धालुओं के लिए रात्रि के समय बसों की व्यवस्था रहती है और बड़ी संख्या में भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं।
