पब्लिक मंच नेटवर्क, डबवाली । (रवि मोंगा)
बिश्नोई धर्मशाला डबवाली में बिश्नोई सभा के अध्यक्ष कुलदीप कुमार जादूदा की अध्यक्षता में 542वां बिश्नोई धर्म स्थापना दिवस श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह सूर्योदय के समय पुजारी श्रीराम ने 120 शब्दों का पाठ कर हवन करवाया। इसके बाद अमृतमयी पाहल तैयार कर उपस्थित संगत में वितरित किया।
सभा सचिव इंद्रजीत बिश्नोई ने उपस्थित लोगों को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए धर्म की शिक्षाओं और गुरु जम्भेश्वर भगवान के सिद्धांतों पर चलने का संदेश दिया। कार्यक्रम में भगवान कृष्ण गौशाला, महाग्राम चौटाला के अध्यक्ष ओंकारमल गोयल के पहुंचने पर सभा की ओर से उन्हें जाम्भाणी सूक्ति सागर ग्रंथ भेंट कर सम्मानित किया गया। ओंकारमल ने सभा का आभार जताते हुए बताया कि 11 से 17 नवंबर तक भगवान कृष्ण गौशाला महाग्राम चौटाला में ब्रह्मलीन स्वामी राजेंद्रानंद जी हरिद्वार के शिष्यों द्वारा कथा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने संगत को कथा में शामिल होने का निमंत्रण दिया, जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं ने सहर्ष स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि गौशाला कमेटी की ओर से विभिन्न गांवों से कथा श्रवण के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु बसों का शेड्यूल भी तैयार किया गया है।
इस अवसर पर जाम्भाणी साहित्य के मूर्धन्य विद्वान डॉ. कृष्ण लाल बिश्नोई अबूबशहर द्वारा लिखित गुरु जम्भेश्वर भगवान के परम शिष्य विल्होजी की वाणी पर आधारित 40 पुस्तकें जगदीश तरड़, गंगा हॉल फरीदाबाद की ओर से संगत को वितरित की गईं। सभा ने इस साहित्यिक एवं धार्मिक कार्य के लिए जगदीश तरड़ का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के समापन पर सेवक दल के सदस्यों ने अटूट लंगर में बढ़-चढ़कर सेवा निभाई। सभा ने सेवा कार्य में योगदान देने वाले सभी सेवकों का आभार जताया। इस अवसर पर सभा के पदाधिकारी, सदस्य तथा बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।


