पब्लिक मंच नेटवर्क, डबवाली
तेल व गैस की कीमतों में कमरतोड़ बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक अमित सिहाग ने उन भाजपा नेताओं पर कटाक्ष किया जो पूर्व की यूपीए सरकार के समय मंच एवं सड़कों पर तेल,गैस की बढ़ती कीमतों पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व: मनमोहन सिंह जी का तिरस्कार व उपहास उड़ाया करते थे।
पूर्व विधायक ने कहा कि केंद्र एवं हरियाणा भाजपा के नेता जो उस समय तेल कीमतों में मामूली वृद्धि पर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करते थे आज पेट्रोल सौ रुपए, डीज़ल 93 रुपये तथा गैस सिलेंडर 915 रुपए होने पर भी चुप्पी साधे बैठे हैं और कहीं दिखाई नहीं देते, ऐसे नेताओं को नैतिकता के आधार पर अपने शब्दों पर ही खरे उतरते हुए बड़े-बड़े पदों से त्यागपत्र दे अपनी विफलता को स्वीकार करना चाहिए।आमजन को उम्मीद थी कि उनकी समस्याओं का निदान करने के लिए सरकार संजीवनी मोड पर आएगी लेकिन पिछले 12सालों में भाजपा सरकार केवल इलेक्शन मोड़ और जुमले परोसने में ही रही ।
अमित सिहाग ने कहा कि तीन बार केंद्र और हरियाणा में भाजपा सरकार बनने पर भी हालात ये हैं कि पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का दावा करने वाली सरकार अब केवल तीन ट्रिलियन डॉलर बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रही है और जहां पहले ताली, थाली का विकल्प दिया था, वहीं अब सोने की ख़रीद न करने, कार की जगह साइकिल चलाने के विकल्प दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के नेता मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए हमेशा की तरह अपनी राजनीतिक सोच के अनुरूप निराधार मुद्दों व टीका टिप्पणी का सहारा लेते हैं लेकिन आंकड़े झूठ नहीं बोलते।
सिहाग ने कहा कि यूपीए सरकार के जाने के बाद मौजूदा सरकार ने पिछले 12 सालों में पेट्रोल और डीजल पर लगाई एक्साइज ड्यूटी के दम पर प्रतिदिन एक हज़ार करोड़ रुपए के हिसाब से 43 लाख करोड़ रुपए अपने खजाने में जमा किए हैं लेकिन इसका लाभ आमजन को देने की बजाए अपने पूंजीपति मित्रों का ऋण माफ करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के पिछले 12 सालों में करीब 13 बार तेल के दामों में मुख्य वृद्धि की गई है और किसी भी चुनाव के खत्म होते ही जनता को तोहफे के रूप में आर्थिक बोझ से लाद दिया जाता है, इसके अलावा दिलचस्प बात है कि वर्ष 2014 में आज ही की तरह कच्चे तेल की कीमत लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल थी और तब स्व: मनमोहन सिंह जी की आर्थिक सोच व कांग्रेस की संवेदनशील सोच के चलते पेट्रोल 71 और डीज़ल 57 रुपए था और आज भाजपा की पूंजीपति सोच के चलते पेट्रोल 100 रुपए तथा डीज़ल 93 रुपये हो गया है।
पूर्व विधायक ने कहा कि आंकड़े सोचने को मज़बूर करते हैं कि जिस अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों का हवाला आज भाजपा नेता दे रहे हैं उस युद्ध के शुरू होने से पहले भी अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल थे जोकि यूपीए सरकार के समय 140 डॉलर प्रति बैरल से आधे थे और अगर उस समय यूपीए की टैक्स नीति को लागू किया होता तो आज पेट्रोल के दाम घट कर 61रुपए प्रति लीटर होते।
अमित सिहाग ने कहा कि जिस गैस सिलेंडर को भाजपा वर्ष 2014 में बड़ा चुनावी मुद्दा बना कर घूमती थी वो यूपीए सरकार में 412 रुपए का मिलता था जो आज 120 प्रतिशत की वृद्धि पर 915 रुपए में मिल रहा है। उन्होंने कहा है बड़े बड़े पूंजीपति घरानों ने अपने लाभ के लिए मौजूदा सरकार को सत्ता में लाने के लिए पुरजोर सहयोग दिया है जिसका नुकसान आज आमजन को भुगतना पड़ रहा है लेकिन कांग्रेस पार्टी निरंतर इस दमनकारी सोच के विरोध में आवाज़ बुलंद करती रहेगी ताकि एक सकारात्मक और सच्चा बदलाव लाया जा सके।
