पब्लिक मंच नेटवर्क, डबवाली (रवि मोंगा)
बिश्नोई धर्मशाला में श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान के 576वें अवतार दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह के छठे दिन जन्मोत्सव की खुशी में शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। ढोल-नगाड़ों के साथ शांतिपूर्वक निकली शोभायात्रा के दौरान शहर का माहौल भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने जोशीले स्वर में 'पेड़ों की रक्षा कौन करेगा-हम करेंगे, हम करेंगे' और 'जीवों की रक्षा कौन करेगा—हम करेंगे, हम करेंगे' के नारे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और जीव रक्षा का संकल्प दोहराया।
शोभायात्रा के बाद बिश्नोई धर्मशाला में आयोजित कथा में स्वामी विवेकानंद जी ने श्रद्धालुओं को गुरु जम्भेश्वर भगवान की वाणी और उनके जीवन संदेश से अवगत करवाया। कथा का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान को प्रणाम करने के साथ हुआ। सभा की ओर से स्वामी विवेकानंद जी तथा संगीत मंडली का तिलक कर स्वागत किया गया। इसके बाद स्वामी जी ने 'राधा रमण हरि बोल' संकीर्तन के साथ कथा का शुभारंभ किया।
स्वामी विवेकानंद जी ने कहा कि गुरु जम्भेश्वर भगवान ने इस धराधाम पर 51 वर्ष तक ज्ञान का उपदेश देकर प्राणीमात्र को सदाचार, जीव रक्षा और नेक कमाई का संदेश दिया। उनकी वाणी 'विष्णु विष्णु तू भण रे प्राणी, कारण क्रिया सारूं' मनुष्य को भगवान विष्णु का स्मरण करने और सद्कर्म करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को हमेशा भगवान का जाप करते हुए नेक कमाई करनी चाहिए। इससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
स्वामी जी ने गुरु जम्भेश्वर भगवान की वाणी 'अडसठ तीर्थ हृदय भीतर, बाहर लोकाचारूं' का उल्लेख करते हुए कहा कि माता-पिता की सेवा करना ही सच्ची तीर्थ यात्रा है। घर में रहकर परिवार की सेवा करना और अपने कर्तव्यों का पालन करना सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि गृहस्थ आश्रम जीवन का सबसे महत्वपूर्ण आश्रम है, क्योंकि परिवार के प्रति जिम्मेदारियां निभाते हुए भी मनुष्य धर्म और सदाचार के मार्ग पर चल सकता है।
भजन से भावविभोर हुए श्रद्धालु:
कथा के दौरान स्वामी विवेकानंद जी ने 'आवो नी पधारो म्हारा सांवरिया, नटवर नागरिया' भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भजन के दौरान पूरा कथा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ कथा का आनंद लिया।
सेवा देने वालों को किया सम्मानित:
सभा की ओर से शोभायात्रा में ट्रैक्टर आदि की सेवा देने वाले श्रद्धालुओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सेवाभावी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
4 सितंबर को होगा विशाल हवन यज्ञ:
सभा सचिव इंद्रजीत बिश्नोई ने समारोह के आगामी कार्यक्रमों के संबंध में बताया कि 4 सितंबर को विशाल हवन यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान मुख्य अतिथि अपने विचार रखेंगे। सभा की ओर से कक्षा 10वीं, 12वीं और बीए में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण विद्यार्थियों के अलावा जीव रक्षा तथा खेलों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया जाएगा। रात्रि में जागरण एवं जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्य कार्यक्रम के बाद बिश्नोई सभा की कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसमें वर्ष की आय-व्यय का लेखा-जोखा तथा ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

