पब्लिक मंच नेटवर्क, डबवाली (रवि मोंगा)
बिश्नोई धर्मशाला में श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान के 576वें अवतार दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित श्री जाम्भाणी हरि कथा समारोह के द्वितीय दिवस भी श्रद्धालुओं ने कथा का आनंद लिया। इस अवसर पर आचार्य स्वामी रामाचार्य जी का बिश्नोई सभा के प्रधान कुलदीप कुमार जादूदा, सभा सदस्यों तथा समाज के गणमान्य लोगों ने तिलक कर स्वागत किया।
कथा से पूर्व बिश्नोई धर्मशाला परिसर में राम निवास धारणिया व पवन कुमार धारणिया, अबूबशहर ने अपने पिता स्व. श्री चंदूराम जी धारणिया की स्मृति में निर्मित डीलक्स कमरे का उद्घाटन आचार्य स्वामी रामाचार्य जी के कर-कमलों से करवाया। धारणिया परिवार ने कमरे के उद्घाटन की खुशी में श्रद्धालुओं को लड्डूओं का प्रसाद वितरित किया। सभा की ओर से स्मृति चिह्न भेंट कर दानदाताओं का आभार व्यक्त किया गया। वहीं, बिश्नोई सभा के सभी सदस्यों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए हलवा-चने का प्रसाद वितरित किया गया।
कथा में स्वामी रामाचार्य जी ने गुरु की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए शब्दवाणी का अर्थ समझाया। उन्होंने कहा कि गुरु द्वारा बताए गए आचार-विचार, संस्कार और जीवन जीने की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने 'भगवी टोपी समराथल आयो, जो गुरु कहे सो करियो' का भाव समझाते हुए कहा कि गुरु के बताए मार्ग पर चलना ही सच्चे अर्थों में गुरु की सेवा और आज्ञापालन है। उन्होंने श्रद्धालुओं को झगड़े से दूर रहने की सीख देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति विवाद करने आए तो हमें पानी की तरह शांत रहकर हाथ जोड़कर किनारा कर लेना चाहिए। झगड़े से किसी का भला नहीं होता, बल्कि आर्थिक और शारीरिक नुकसान के साथ मानसिक चिंता भी बढ़ती है, जिससे स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव सत्कर्म, जीव दया, समाज सेवा और लोक भलाई के मार्ग पर चलना चाहिए। ऐसे कर्म ही मनुष्य को मोक्ष के मार्ग की ओर ले जाते हैं।
इस दौरान स्वामी जी ने भजन 'म्हारो बेड़ो लंघा दीजौ पार, सतगुरु जाम्भा जी' प्रस्तुत किया, जिस पर श्रद्धालु झूम उठे और आनंद विभोर हो गए। डबवाली शहर के अलावा आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में माता-बहनें व श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को गुरु पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।
कथा के दौरान सहारण होटल के संचालक महावीर सहारण के जन्मदिन के उपलक्ष्य में उनकी ओर से देशी घी की बूंदी का प्रसाद वितरित किया गया। सभा के सभी सेवादारों तथा मैनेजर कपिल देव ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभाते हुए सुव्यवस्थित सेवा का परिचय दिया।
मंच संचालन करते हुए सभा सचिव इंद्रजीत बिश्नोई ने बताया कि जाम्भोजी साहित्य अकादमी, बीकानेर की ओर से आगामी अक्तूबर में जाम्भाणी साहित्य ज्ञान परीक्षा आयोजित की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के परीक्षा फार्म दिए गए लिंक के माध्यम से भरवाएं, ताकि समाज के बच्चे जाम्भाणी साहित्य एवं संस्कृति से जुड़ सकें। सचिव इंद्रजीत बिश्नोई ने दानदाताओं की सूची पढ़कर सुनाई और सभी दानदाताओं, सेवादारों तथा श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।


