पब्लिक मंच नेटवर्क, डबवाली । (रवि मोंगा)
मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की बारात निकली तो पूरा डबवाली भक्ति के रंग में रंग गया। घोड़ों पर सवार श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न, रथों में सजी रामलीला की भव्य झांकियां, ढोल-नगाड़ों की गूंज और हर ओर गूंजते जय श्रीराम के जयकारे। शहर के प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि वातावरण राममय हो उठा। कोई प्रभु श्रीराम के दर्शन कर नतमस्तक हो रहा था, तो कोई पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत कर रहा था। जय श्रीराम नगर नाट्यशाला के सदस्य और क्षेत्रवासी नाचते-झूमते बारात के साथ आगे बढ़ते रहे। श्री दुर्गा मंदिर के पावन प्रांगण से शुरू हुई यह भव्य बारात बैंड-बाजों और ढोल-नगाड़ों की मधुर गूंज के बीच शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई रामलीला मंच पर पहुंची, जहां पुष्पवर्षा के साथ इसका जोरदार स्वागत किया गया। मीडिया प्रभारी रवि मोंगा ने बताया कि रात्रि को रामलीला के मंच पर प्रभु श्रीराम और माता सीता सहित चारों भाइयों के विवाह का मनोहारी दृश्य भी मंचित हुआ। विवाह की खुशियों के बीच जब राजा जनक ने सीता सहित अपनी चारों पुत्रियों को विदा किया, तो मंच पर भावनाओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि दर्शकों की आंखें नम हो गईं। डबवाली की पावन भूमि पर यह दृश्य इतिहास बन गया।
कोरियोग्राफी देखकर छलक पड़े महिलाओं के आंसू:
बेटी की विदाई के मार्मिक क्षणों को प्रसिद्ध रंगकर्मी संजीव शाद और नरेश शर्मा ने अपनी प्रभावशाली कोरियोग्राफी के माध्यम से जीवंत कर दिया। बेटी को विदा करते पिता की मनोदशा और परिवार से बिछड़ने की पीड़ा को देखकर पंडाल में मौजूद दर्शक भावुक हो उठे। खासकर महिलाओं की आंखों से आंसू छलक पड़े। कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने हर किसी को अपने परिवार और बेटियों की विदाई के पलों की याद दिला दी। दृश्य समाप्त होने के बाद देर तक तालियों की गूंज कलाकारों के अभिनय और कोरियोग्राफी की सराहना करती रही।
राजतिलक की घोषणा से कैकेयी-मंथरा संवाद तक सधे अभिनय ने बांधा समां:
मंच पर मंगलवार रात्रि भगवान श्रीकृष्ण की झांकी प्रस्तुत की गई। इसके बाद दशरथ को श्राप याद आने, प्रभु श्रीराम के राजतिलक की घोषणा तथा कैकेयी-मंथरा संवाद के प्रभावशाली दृश्य प्रस्तुत किए गए। राजतिलक की घोषणा से प्रसन्नता और उसके बाद बदलते घटनाक्रम ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी। कलाकारों ने संवाद अदायगी और अभिनय के माध्यम से रामकथा के इन महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
डबवाली से नशे रूपी रावण का नाश करना है: डीएसपी कटारिया
सचिव सुनील सेठी व स्टेज प्रभारी निश्चिंत झांब ने बताया कि मंगलवार रात्रि डीएसपी योगेश कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने उपस्थित दर्शकों को जागरूक करते हुए कहा कि डबवाली से नशे रूपी रावण का नाश करना है। यह सबके सहयोग से ही संभव है, अपने आसपास होने वाली नशे से संबंधित गतिविधि के बारे में पुलिस को सूचित जरूर करें ताकि उस पर अंकुश लगाया जा सके। विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद जितेंद्र कुमार एचसीएस, सीईओ जिला परिषद पलवल ने डबवाली में भव्य रामलीला आयोजन के लिए नाट्यशाला के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों व कलाकारों की जमकर सराहना की।
इन कलाकारों ने अपने अभिनय से रामलीला के दृश्यों को बनाया जीवंत:
मुख्य निर्देशक टोनी धमीजा और निर्देशक सोनू बब्बर ने बताया कि रामलीला के विभिन्न दृश्यों में श्रीराम की भूमिका अंशुल ग्रोवर, माता सीता की अनिल शर्मा, लक्ष्मण की पारुल मेहता, भरत की जगसीर जग्गा, शत्रुघ्न की वंश बॉबी, राजा जनक की पिंटू मोंगा, विश्वामित्र की प्यारे लाल सेठी, गुरु वशिष्ठ की भारत भूषण, मंथरा की जितेंद्र धमीजा, कैकेयी की विक्की जैन और राजा दशरथ की भूमिका रवि मोहन ने निभाई। इनके अलावा विकास, नितिश गोयल, जॉनी, दीपक सहित अन्य कलाकारों ने भी विभिन्न किरदारों के माध्यम से रामलीला को जीवंत बनाया। भव्य बारात, भक्तिमय वातावरण और भावनाओं से ओतप्रोत मंचीय प्रस्तुतियों ने डबवालीवासियों के लिए इस आयोजन को यादगार बना दिया।


