पब्लिक मंच नेटवर्क, डबवाली (रवि मोंगा)
बाल मंदिर स्कूल में शैक्षणिक सत्र 2025–26 के अंतर्गत कक्षा चौथी से नौवीं तथा ग्यारहवीं कक्षाओं का वार्षिक परीक्षा परिणाम गत दिवस घोषित कर दिया गया । वार्षिक परीक्षा परिणाम विद्यार्थियों की पूरे वर्ष की मेहनत और उपलब्धियों का प्रतीक होता है। यह न केवल उनकी शैक्षणिक प्रगति को दर्शाता है, बल्कि उन्हें भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित भी करता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों की सफलता का उत्सव मनाया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य सुरेंद्र कुमार कौशिक ने प्रत्येक कक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए।
कक्षा चौथी में प्रियांशी ने प्रथम, प्रभनूर कौर एवं रूहानी ने द्वितीय तथा मनन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कक्षा पाँचवीं में अश्विना प्रथम, फाल्गुनी द्वितीय और वंश गर्ग तृतीय स्थान पर रहे। कक्षा छठी में जिया ने प्रथम, निखिल ने द्वितीय तथा नाजरीत कौर गर्चा, कीर्ति और मन्नत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कक्षा सातवीं में आरोही प्रथम, हरनूर और ध्रुविका द्वितीय, आरव तृतीय स्थान पर रहे। कक्षा आठवीं में सुखमन सिंह ने प्रथम, दक्ष और नायशा ने द्वितीय तथा हीना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कक्षा नौवीं में पुलकित प्रथम, यशिका सिंगला द्वितीय और आराध्या तृतीय स्थान पर रहे। कक्षा ग्यारहवीं (कला संकाय) में आरजू कम्बोज प्रथम, अवनीत कौर द्वितीय तथा अक्षिता बिश्नोई तृतीय स्थान पर रहीं। ग्यारहवीं (मेडिकल) में गीतिका प्रथम, राजवीर कौर द्वितीय और फवीज़ा ग्रोवर तृतीय स्थान पर रहीं। ग्यारहवीं (नॉन-मेडिकल) में हर्षिता सेठी प्रथम, कीर्ति द्वितीय तथा इला तृतीय स्थान पर रहीं। ग्यारहवीं (वाणिज्य) में दक्ष प्रथम, नित्या मोंगा द्वितीय और आरव गोयल तृतीय स्थान पर रहे।
विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नीरज जिंदल ने विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को हार्दिक बधाई दी तथा उन्हें भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्य सुरेंद्र कुमार कौशिक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे नियमित रूप से अपना कार्य स्वयं करें और पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखें। उन्होंने स्वाध्ययन के महत्व पर बल देते हुए बताया कि यदि विद्यार्थी प्रतिदिन ईमानदारी से अध्ययन करें, तो वे निश्चित रूप से उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। प्राचार्य ने विद्यार्थियों को NCERT की पुस्तकों का गहन अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें। प्राचार्य ने विद्यार्थियों को स्वाध्ययन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता; निरंतर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण ही जीवन में ऊँचाइयों तक पहुँचने का मूल मंत्र है। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करें, उन्हें प्रतिदिन विद्यालय भेजें तथा विभिन्न भाषाओं की पुस्तकों के अध्ययन के लिए प्रोत्साहित करें।
इस दौरान उपस्थित अभिभावकों ने प्राचार्य के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और उनका समर्थन किया। मंच संचालन अध्यापिका सैंड्रा द्वारा किया गया।

