पब्लिक मंच नेटवर्क, डबवाली
डेरा सच्चा सौदा सिरसा की शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए डबवाली के संतोषी माता मंदिर गली निवासी प्रेम चंद पुत्र चुनी लाल इंसा ने मृत्यु के बाद भी मानवता की सेवा का अनोखा उदाहरण पेश किया। उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार उनके पार्थिव शरीर को KMC Medical College and Hospital को मेडिकल रिसर्च हेतु दान किया गया।
उनके पुत्र राजिंदर कुमार ने बताया कि उनका परिवार वर्षों से डेरा सच्चा सौदा सिरसा से जुड़ा हुआ है और पूज्य संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा की शिक्षाओं पर चलते हुए उनके पिता ने जीवनकाल में ही बॉडी डोनेट करने का प्रण लिया था। परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए इस महान कार्य को पूरा किया।
अंतिम विदाई से पूर्व बेनती का शब्द बोला गया। इसके बाद फूलों से सजी एम्बुलेंस में प्रेम चंद इंसा की देह को श्रद्धापूर्वक रखा गया। माहौल भावुक भी था और प्रेरणादायक भी। “जब तक सूरज चांद रहेगा, प्रेम चंद इंसा तेरा नाम रहेगा” जैसे गगनभेदी नारों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
इस अवसर पर डेरा सच्चा सौदा सिरसा की ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के सेवादारों सहित गोबिंद इंसा, गिरधर इंसा, प्यारेलाल सेठी इंसा, एमसी मोंगा, गुरसेवक इंसा, ललित इंसा, दीनदयाल इंसा, प्रेमी सेवक संदीप इंसा, सीता राम, पप्पू सिंगला, बहन कांता इंसा, राधा इंसा, रानी इंसा, परवीन इंसा, वीना इंसा, शीला इंसा, कैलाश देवी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
प्रेम चंद इंसा ने यह सिद्ध कर दिया कि सच्चा इंसान वही है, जो जाते-जाते भी दुनिया के काम आ जाए। उनका यह कदम समाज के लिए संदेश है कि मृत्यु अंत नहीं, बल्कि मानवता के लिए नई शुरुआत भी बन सकती है

