पब्लिक मंच नेटवर्क, डबवाली (रवि मोंगा)
शिव मंदिर गंगा में चल रही शिव महिमा एवं भागवत कथा के छठे दिन अजमेर से पधारे कथा वाचक स्वामी राधेशानंद जी ने भगवान शिव की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सावन माह में भगवान शिव की कथा सुनना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इस दौरान कथा श्रवण करने से अनंत गुना लाभ मिलता है तथा मनुष्य अनेक प्रकार के पापों से मुक्ति की ओर अग्रसर होता है।
कथा स्थल पर पहुंचने पर मंदिर कमेटी की ओर से स्वामी जी का माला अर्पित कर स्वागत किया गया। व्यास गद्दी पर विराजमान स्वामी जी से बिश्नोई सभा डबवाली के पदाधिकारियों एवं मंदिर कमेटी के सदस्यों ने तिलक लगाकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर सभा सचिव इंद्रजीत बिश्नोई, सभा सदस्य रामकुमार तरड़, जीतराम पूनिया, सभा मैनेजर कपिल देव सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
कथा के दौरान स्वामी राधेशानंद जी ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का वर्णन करते हुए भाई-भाई के प्रेम, माता-पिता की सेवा, बड़े-बुजुर्गों के सम्मान तथा राजा के अपनी प्रजा के प्रति कर्तव्यों जैसी महत्वपूर्ण शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन हमें आदर्श परिवार, संस्कार और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर ब्रह्मलीन गौऋषि स्वामी राजेन्द्रानन्द जी को भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया। बताया गया कि आगामी 14 अगस्त शुक्रवार को बिश्नोई धर्मशाला डबवाली में सुबह 7 बजे हवन, स्वामी राजेन्द्रानन्द जी मेमोरियल कक्ष का लोकार्पण तथा धर्मसभा का आयोजन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। कार्यक्रम के समापन पर धर्मशाला में भोजन प्रसादी वितरित की जाएगी। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने का आह्वान किया।
कथा में गांव के सभी धर्मों के लोगों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। माता-बहनों, भाई-बंधुओं एवं बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान बिश्नोई सभा डबवाली के पदाधिकारियों को स्वामी जी एवं मंदिर कमेटी की ओर से स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मंदिर कमेटी प्रधान जगसीर धारणिया, पूर्व सरपंच किशोरी लाल सीगड़, श्री गुरु जम्भेश्वर मंदिर प्रधान सुभाष चंद्र तरड़, बुधराम भादु सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

