पब्लिक मंच नेटवर्क, डबवाली (रवि मोंगा)
प्रमुख सामाजिक संस्था वरच्युस क्लब द्वारा गांव खुईयां मलकाना स्थित राजकीय विद्यालय में पौधारोपण अभियान के साथ सावन उत्सव उल्लास पूर्वक मनाया गया। क्लब के स्थायी प्रकल्प 'पेड़-पौधा बैंक' के तीसरे चरण के अंतर्गत पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण बचाने का संदेश दिया गया, वहीं विद्यार्थियों ने हरियाणवी तीज गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सावन की लोक संस्कृति को जीवंत कर दिया। हरियाली और लोक परंपराओं के इस अनूठे आयोजन ने विद्यालय परिसर को उत्साह, उमंग और प्रकृति प्रेम के रंगों से सराबोर कर दिया।
इस अवसर पर वरच्युस क्लब की ओर से विद्यार्थियों को गुड़हल, मधुकामिनी, बेलपत्र, अमरूद, जामुन, चम्पा एवं आँवला सहित औषधीय, फलदार एवं फूलदार प्रजातियों के 130 पौधे भेंट किए गए। प्रत्येक विद्यार्थी को पेड़ मित्र बनाकर पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प दिलाया गया। क्लब पदाधिकारियों ने बताया कि ये पौधे आने वाले समय में स्वच्छ वायु, औषधीय गुण, पौष्टिक फल और हरियाली का अमूल्य उपहार देंगे।
विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुमार ने अपने समस्त स्टाफ सहित क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विद्यालय में लगाए गए तथा विद्यार्थियों को भेंट किए गए सभी पौधों की सुरक्षा एवं देखभाल के लिए विद्यालय परिवार हरसंभव प्रयास करेगा।
क्लब के प्रधान एवं प्रकल्प प्रमुख डॉ. बीर चंद गुप्ता ने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में मनुष्य का पर्यावरण से नाता लगातार कमजोर होता जा रहा है। यही कारण है कि तनाव, चिंता और अनेक प्रकार की बीमारियाँ बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पेड़ हमें स्वच्छ वायु, स्वस्थ जीवन और शुद्ध वातावरण प्रदान करते हैं। फल, फूल और औषधियाँ प्रकृति की अमूल्य देन हैं। उन्होंने 'आओ, पेड़-पौधों से नाता जोड़ें' नारे के साथ पर्यावरण सरंक्षण का सन्देश दिया।
क्लब के पीआरओ भारत वधवा ने बताया कि वरच्युस क्लब का यह संदेश- यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो धरती को पुन: हरा-भरा बनाया जा सकता है, जन जन तक पहूंचाया जाएगा।
नरेश शर्मा ने क्लब की सामाजिक, शैक्षणिक एवं पर्यावरणीय गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि क्लब का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करना और समाज में पर्यावरण संरक्षण की स्थायी चेतना विकसित करना है।
सोनू बजाज ने पर्यावरण संरक्षण पर अपनी स्वरचित कविता 'हरियाली दा रखिये मान, एही है कुदरत दी जान' प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि हरियाली ही प्रकृति की वास्तविक पहचान है। यदि हम पेड़ों का सम्मान करेंगे और उनकी रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण और स्वस्थ जीवन मिल सकेगा।
अध्यापक सोनू शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार नदी अपना पानी स्वयं नहीं पीती और पेड़ अपने फल स्वयं नहीं खाते, उसी प्रकार प्रकृति का प्रत्येक तत्व केवल देने का संदेश देता है। हमें भी प्रकृति से यही सीख लेनी चाहिए कि बिना किसी स्वार्थ के मानवता और समाज के कल्याण के लिए कार्य करें। उन्होंने सभी से अपने घर-आँगन में पौधे लगाने, उन्हें परिवार का सदस्य मानने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक रमेश कुमार सेठी तथा विद्यार्थी जगदीश का जन्मदिन भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर रमेश कुमार सेठी ने विद्यालय को पौधे भेंट किए तथा अपने जन्मदिन पर पौधारोपण कर विद्यार्थियों के समक्ष एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि जन्मदिन का सबसे सुंदर उपहार एक पौधा लगाना और उसकी सेवा करना है।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नशा मुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक 'बस देना साथ तुम...' रहा। प्रसिद्ध रंगकर्मी संजीव शाद के निर्देशन में तैयार इस नाटक ने नशे के दुष्परिणामों को उजागर करते हुए समाज को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन अपनाने का संदेश दिया। नाटक को उपस्थित सभी अतिथियों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम के समापन पर क्लब सदस्यों ने 'रुख लगाओ, धियां (बेटी) बचाओ, पानी दा सत्कार करो' का सशक्त संदेश देते हुए सभी उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, बेटी सम्मान तथा नशा मुक्ति के प्रति जागरूक रहने का सामूहिक संकल्प दिलाया। सभी ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने व जल की बूंद बूंद बचाने का संकल्प भी लिया।
इस अवसर पर ज्ञानी ज्ञान सिंह, संतोष शर्मा, पार्षद सुमित अनेजा, सचिव प्रणव ग्रोवर, मोनिका वर्मा, आत्मा सिंह, रेणु फुटेला, गगनदीप कौर, धनकोरी, समनदीप कौर, मनप्रीत कौर, निर्मला रानी, कांता रानी, रंजीत कौर, अर्शदीप सिंह, सुनील कुमार, दलविंदर सिंह, आशिमा, मनोज कुमार तथा विनोद कुमार सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


