पब्लिक मंच नेटवर्क, डबवाली (रवि मोंगा)
बिश्नोई धर्मशाला में श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान के 576वें अवतार दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित श्री जाम्भाणी हरि कथा समारोह के चौथे दिन श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। कथा के शुभारंभ पर सभा कमेटी की ओर से कथा वाचक आचार्य स्वामी रामाचार्य जी सहित सभी संतों का तिलक कर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ इनेलो नेता चौधरी संदीप कुमार सिहाग ने अपने पिता स्व. चौधरी दलीप सिंह एवं माता श्रीमती रामेश्वरी देवी की स्मृति में बिश्नोई धर्मशाला में निर्मित एक कमरे का उद्घाटन आचार्य स्वामी रामाचार्य जी से करवाया। सभा की ओर से चौधरी संदीप कुमार सिहाग को स्मृति चिह्न एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। चौधरी संदीप कुमार सिहाग की धर्मपत्नी सुनीता चौधरी को भी सभा द्वारा शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सभा की ओर से पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल को भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि चौटाला परिवार हमेशा चौधरी देवीलाल की नीतियों पर चलते हुए बिश्नोई समाज के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्षों पहले चौधरी देवीलाल ने बिश्नोई समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए डबवाली क्षेत्र के बिश्नोई बहुल इलाके में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए वन्य जीव सेंचुरी स्थापित करवाई थी। आज भी इस क्षेत्र में वन्यजीव बेखौफ विचरण करते हैं। बिश्नोई समाज सदियों से जीव रक्षा की परंपरा निभाता आया है और जीवों की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक का बलिदान देने से पीछे नहीं हटता।
कथा समारोह में कथावाचक आचार्य स्वामी रामाचार्य जी के गुरु एवं मुकाम से पधारे स्वामी भागीरथ दास जी शिक्षाशास्त्री का भी सभा की ओर से स्वागत किया गया। अपने गुरु के स्वागत में स्वामी रामाचार्य जी ने 'आया आया म्हारे संत पावणा आया' भजन प्रस्तुत किया।
कथा के दौरान शब्दवाणी का अर्थ समझाते हुए आचार्य स्वामी रामाचार्य जी ने कहा कि यदि व्यक्ति भलाई के कार्य करता है और अज्ञानी लोग उसकी चुगली या निंदा करते हैं तो उसे इसकी चिंता नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निंदा करने वालों को निंदा करने दें, क्योंकि जब व्यक्ति अच्छे कर्म करता है तो उसकी हाजिरी भगवान के चरणों में लगती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गौशालाओं में सेवा, जीव-दया तथा बेसहारा लोगों की सहायता जैसे कार्य निरंतर करते रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यही सच्ची भक्ति है।
समारोह के दौरान सुनिता एवं सुमित्रा ने अपनी दादी स्व. रामेश्वरी देवी की स्मृति में श्रद्धालुओं को लड्डुओं का प्रसाद वितरित किया। वहीं रवि कुमार धतरवाल की ओर से केले का प्रसाद बांटा गया।
सभा के सचिव इंद्रजीत बिश्नोई ने संगत को जानकारी देते हुए बताया कि 3 सितंबर को डबवाली शहर में सुबह 8 बजे से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने संगत से अधिक से अधिक संख्या में समय पर पहुंचकर शोभायात्रा में शामिल होने का आह्वान किया। अंत में सभा कमेटी की ओर से सभी दानदाताओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।

