पब्लिक मंच नेटवर्क, डबवाली (रवि मोंगा)
बिश्नोई धर्मशाला में श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान के 576वें अवतार दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह के तहत शुक्रवार को मुख्य कार्यक्रम सुबह हवन के साथ शुरू हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जेल सुपरिंटेंडेंट सतविन्द्र कुमार गोदारा का बिश्नोई सभा डबवाली के अध्यक्ष कुलदीप कुमार जादूदा व सभा सदस्यों ने मुख्य द्वार पर फूलमालाओं से गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। कार्यक्रम अध्यक्ष नरेश कुमार कड़वासरा का भी सभा द्वारा फूलमालाओं से स्वागत किया गया।
हवन में आहुति देने के बाद मुख्य अतिथि ने पाहल बनवाने की रस्म निभाई। इसके पश्चात भगवा ध्वज लहराया गया और छोटी बच्चियों ने 'श्री गुरु जम्भेश्वर का प्यारा झंडा, ऊंचा सदा रहे प्यारा झंडा' ध्वजगीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद जी ने तारणहार थलासिर से संबंधित स्वागत साखी सुनाकर की।
मुख्य अतिथि सतविन्द्र कुमार गोदारा ने अपने उद्बोधन में कहा कि माता-पिता को कभी भी बच्चों से दूर नहीं रहना चाहिए। बच्चों को संस्कारवान बनाना चाहिए, ताकि वे नशे जैसी बुराइयों से बचकर अच्छी शिक्षा प्राप्त करें और उच्च पदों पर आसीन होकर अपने परिवार व समाज का नाम रोशन करें।
कार्यक्रम अध्यक्ष नरेश कुमार कड़वासरा ने कहा कि सभी को श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान द्वारा बताए गए नियमों पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिश्नोई समाज में किसान वर्ग की संख्या अधिक है। किसानों को आपसी झगड़ों से बचते हुए समय पर खातेदारी का बंटवारा कर लेना चाहिए, ताकि व्यक्ति अधिक तरक्की कर सके और परिवार सुखमय जीवन जी सके।
इस अवसर पर बिश्नोई मंदिर अबोहर के अध्यक्ष सुभाष कुमार डेलू, जीव रक्षा सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश कुमार राहड़, अखिल भारतीय युवा संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव कुमार गोदारा, स्वर्णकार संघ डबवाली के प्रधान हरमेल सिंह व पूरी कमेटी का बिश्नोई सभा द्वारा स्वागत किया गया। अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के उपाध्यक्ष सोम प्रकाश सीगड़ को शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
समारोह में समाज के होनहार बच्चों, जीव रक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वालों, खेलों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों तथा अन्य क्षेत्रों में सेवा देने वाले व्यक्तियों को भी सभा की ओर से प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। सभी मेहमानों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए तथा सेवादारों का भी सम्मान किया गया। समारोह में सभी सेवादारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान दिया गया।
अंत में स्वामी विवेकानंद जी ने आशीर्वचन दिए, जिसके बाद कार्यक्रम का समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में 'पालणियो घड़ लाई खातीडा' गीत प्रस्तुत किया गया। परविन्द्र कुमार कडवासरा की ओर से श्रद्धालुओं को 5100 रुपये की बर्फी का प्रसाद वितरित किया गया।


