पब्लिक मंच नेटवर्क, डबवाली । (रवि मोंगा)
जय श्री राम नगर नाट्यशाला द्वारा मंचित रामलीला में बीती रात भक्ति, त्याग, समर्पण और भाईचारे से ओतप्रोत दृश्यों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। केवट द्वारा श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता को नदी पार करवाने के प्रसंग से लेकर भरत मिलाप के भावपूर्ण दृश्य तक कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर दिया। मंचन से पहले महाराजा अग्रसेन जी की भव्य झांकी प्रदर्शित की गई, जिसमें महाराजा अग्रसेन के स्वरूप में विकास श्रीवास्तव नजर आए। अखिल भारतीय सेवा संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. राजेंद्र कुमार गर्ग, शाखा डबवाली के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त एसडीओ राकेश बांसल, टोनी गर्ग, धर्मपाल मित्तल और नरेश सेठी ने पूजन करवाया।
इसके बाद रामलीला के दृश्यों का मंचन किया गया। रामलीला में उस प्रसंग को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जब वनवास के दौरान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता गंगा नदी के तट पर पहुंचते हैं और केवट से नदी पार करवाने का आग्रह करते हैं। जब श्री राम व सीता केवट को उसकी मजदूरी देने का प्रयास करते हैं तो केवट भावुक होकर उनके चरणों में गिर जाता है और उनसे कहता है कि प्रभु जैसे मैने आपको नदी पार करवाई है, बस उसी तरह आप मुझे भव सागर से पार कर देना। केवट की भगवान श्रीराम के प्रति अनन्य श्रद्धा, सहज भक्ति और समर्पण को कलाकारों ने भावपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत किया। खासकर केवट के किरदार में पिंटू मोंगा ने अपने दमदार अभिनय और संवाद अदायगी से दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। इसके बाद भरत मिलाप का सुंदर दृश्य मंच पर दिखाया गया। श्रीराम के वनवास का समाचार मिलने और उन्हें वापस अयोध्या लाने की भावना से जुड़े इस प्रसंग में भाइयों के प्रेम, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाया गया। भरत का श्रीराम के प्रति सम्मान और उन्हें अयोध्या लौटने के लिए मनाने का भाव दर्शकों को भावुक कर गया। वहीं श्रीराम ने पिता के वचन और मर्यादा का पालन करते हुए वनवास पूरा करने के अपने संकल्प को प्राथमिकता दी। यह प्रसंग दर्शकों को पारिवारिक प्रेम, त्याग और मर्यादा का संदेश दे गया।
रामलीला के डायरेक्टर टोनी धमीजा व सोनू बब्बर ने बताया कि श्रीराम के किरदार में अंशुल ग्रोवर, माता सीता के रूप में अनिल शर्मा और लक्ष्मण के किरदार में पारुल मेहता एवं भरत के किरदार में जगसीर जग्गा ने प्रभावशाली अभिनय किया। अन्य पात्रों में वंश, मोहित जैन, वजीर सेठी, सुरेंद्र कुमार व भारत भूषण, हरपाल व अन्य कलाकारों ने भी अपनी भूमिकाओं के अनुरूप प्रस्तुति देकर मंचन को सजीव बनाया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दृश्य को प्रभावशाली बनाने के लिए कलाकार लगातार मेहनत कर रहे हैं। वहीं, कलाकारों के मेकअप के लिए राहुल धमीजा की खूब सराहना हो रही है। पात्रों के अनुरूप रूप-सज्जा मंचन को और अधिक आकर्षक बना रही है। मीडिया प्रभारी रवि मोंगा ने बताया कि रामलीला के मंच का संचालन आचार्य रमेश सचदेवा, प्रसिद्ध रंगकर्मी संजीव शाद और गुरदीप कामरा द्वारा बेहतरीन ढंग से किया जा रहा है। मंचन की निरंतरता, दृश्यों की प्रस्तुति और आयोजन की व्यवस्थाओं में इनका महत्वपूर्ण योगदान है। संस्था सचिव सुनील सेठी और स्टेज प्रमुख निश्चिंत झांब ने कहा कि रामलीला के प्रति शहरवासियों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। दर्शकों में महिलाओं और बच्चों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिल रही है। मंच की भव्यता, आकर्षक सजावट और कलाकारों की मेहनत दर्शकों को प्रभावित कर रही है।


