- सेवा की छांव में भव्यता के साथ संपन्न हुआ 'अक्स आशीर्वाद' सामूहिक कन्यादान समारोह
- सुंदर समाज के निर्माण की ओर बेहतरीन कदम साबित होते है ऐसे सामाजिक आयोजन: मीनू बेनीवाल
पब्लिक मंच, डबवाली (रवि मोंगा)
रविवार का दिन और त्रिवेणी इलाके डबवाली में मानो समय थम गया हो। हर कदम पर उम्मीद थी, हर चेहरे पर भरोसा और हर आंख में अपनापन। डबवाली ने इस दिन केवल एक भव्य सामूहिक विवाह समारोह नहीं देखा बल्कि एक ऐसे सुंदर दृश्य का गवाह बना जिसमें समाज अपनी बेटियों के साथ खड़ा नजर आया।
लायंस क्लब अक्स द्वारा संस्थापक सतीश जग्गा के मार्गदर्शन में आयोजित छठा 'अक्स आशीर्वाद' सामूहिक कन्यादान समारोह चौटाला रोड स्थित ओम होटल में भावनाओं, विश्वास और संवेदना के संगम के रूप में आयोजित किया गया। मांगलिक हवन के साथ समारोह का शुभारंभ उदासीन आश्रम के महंत दर्शन दास, क्लब संस्थापक सतीश जग्गा, पूर्व चेयरमैन बलदेव सिंह मांगेआना, प्रकल्प प्रमुख ऋषि मित्तल, प्रधान डा. आशीष गर्ग, समाजसेवी मदन गुप्ता, गिरधारी लाल, मनीष दुरेजा व क्लब सदस्यों ने किया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा ओलंपिक संघ के अध्यक्ष कैप्टन जसविंद्र मीनू बेनीवाल पहुंचे। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह आयोजन बहुत ही सकारात्मक संदेश देने वाला है और सुंदर समाज के निर्माण की ओर बेहतरीन कदम है। ऐसे आयोजनों से यह सिद्ध होता है कि जब समाज संगठित होकर जिम्मेदारी निभाता है, तो वंचित परिवारों के जीवन में भी खुशियों का उजाला भर सकता है। उन्होंने कहा कि बेटियों को सम्मान के साथ जीवन की नई शुरुआत देना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की सोच रखना और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संकल्प दिलवाना-ये सभी प्रयास समाज को भीतर से मजबूत करते हैं। उन्होंने लायंस क्लब अक्स की सोच, अनुशासन और समर्पण की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने क्लब को 5 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने यह भी आह्वान किया कि लायंस क्लब अक्स लाइब्रेरी बनाए, उसके लिए वे 11 लाख रुपए का डोनेशन देंगे।
नारी सम्मान और महिला सशक्तिकरण का एक सामाजिक संकल्प है यह आयोजन: सतीश जग्गा
अपने संबोधन में अक्स संस्थापक एवं मार्केट कमेटी चेयरमैन सतीश जग्गा ने कहा कि अक्स आशीर्वाद सामूहिक विवाह कन्यादान समारोह केवल विवाह आयोजन नहीं, बल्कि नारी सम्मान और महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त सामाजिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि इस मंच से समाज पिता बनकर अपनी बेटियों का कन्यादान करता है और भाई बनकर बहनों के भविष्य की सामूहिक जिम्मेदारी स्वीकार करता है। यह आयोजन उन माता-पिता के त्याग और संस्कारों का सम्मान है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी बेटियों को आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्था का उद्देश्य केवल विवाह संपन्न कराना नहीं, बल्कि एक जागरूक, सशक्त और मानवीय समाज का निर्माण करना है। इसी उद्देश्य के तहत नवविवाहित दंपतियों के लिए नि:शुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया है, ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
वर वधू को आशीर्वाद देकर सामूहिक संकल्प भी लिया:
तीन राज्यों हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से आई बारातों के बीच 21 वंचित परिवारों की बेटियों का विवाह संपन्न कराया गया। इनमें 6 विवाह हिंदू रिवाज से प. मुरारी लाल व अन्य विप्रजनों द्वारा करवाए गए। 15 विवाह सिख परपंरा आनंद कारज लावां के साथ गुरुद्वारा साहिब शेरगढ़ में हुए। लेकिन हर विवाह का भाव एक ही था-सम्मान व सुरक्षा के साथ जीवन की एक नई शुरुआत। यह आयोजन केवल फेरे और रस्में नहीं था। यह उन माता-पिता की आंखों की नमी थी, जिन्हें आज विश्वास हो गया कि बेटिया बोझ नही हैं। यह उन बेटियों की मुस्कान थी, जिनके सपनों को समाज ने अपने हाथों से सजाया। जब नवविवाहित जोड़ों को एक बड़े मंच पर बिठाकर जयमाला की रस्म करवाई गई तो पंडाल में मौजूद तमाम लोगों ने खड़े होकर तालियां बजाते हुए उनके सुखद भविष्य की कामना की। ऐसा लगा मानो आसमान से देवता भी फूल बरसा कर अपना दिव्य आशीर्वाद वर वधू को दे रहे हैं। मंच से सिर्फ विवाह संस्कार ही नहीं हुए, बल्कि समाज ने एक साथ संकल्प भी लिया। कन्या भ्रूण हत्या रोकने, नशामुक्त समाज के निर्माण, पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं की रक्षा का सामूहिक संकल्प समारोह की आत्मा बन गया। नवदंपतियों के साथ उपस्थित जनसमूह ने भी इन संकल्पों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का वादा किया। इस अवसर पर नवदंपतियों को पौधे उपहार स्वरूप भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
आत्मनिर्भर बनाने की घोषणा नहीं बल्कि आयोजन की संवेदनशील झलक:
आयोजन की सबसे संवेदनशील झलक तब दिखी, जब बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की घोषणा की गई। स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण, नगर के प्रतिष्ठित ब्यूटी पार्लर्स व सैलून द्वारा 25 हजार रुपये तक के कोर्स निशुल्क देने की पहल और मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत मिलने वाली सहायता के लिए समस्त दस्तावेजी प्रक्रिया अक्स द्वारा मुफ्त करवाने का निर्णय-इन सबने यह साबित कर दिया कि विदाई के बाद भी समाज बेटियों का साथ नहीं छोड़ता।
बेटियां बोझ नहीं, समाज की शान हैं:
महंगाई के इस दौर में भी बेटियों को जो स्त्रीधन दिया गया, वह केवल सामान नहीं था, वह स्वाभिमान का प्रतीक था। सोने की नथ, चांदी की पायल, घर बसाने का पूरा साजो-सामान, कपड़े, बर्तन, सिलाई मशीन, पंखा, प्रेस, कंबल, पौधे और नगद शगुन-हर वस्तु यह कहती नजर आई कि बेटियां बोझ नहीं, समाज की शान हैं।
शानदार अभिनंदन व जानदार प्रस्तुतियों ने बांध दिया समां:
बारातियों, घरातियों और अतिथियों के भव्य अभिनंदन व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समारोह का वातावरण और जीवंत हो उठा। ताशा-शहनाई की गूंज, सूफियाना नगमे, लोकनृत्य, मूक नाट्य कला और हास्य-हर रंग में समाज को जोड़ने का संदेश था। काछी घोड़ी नृत्य व अबोहर के अजय ढोली बीट ग्रुप ने पंजाबी संस्कृति के रंग बिखेरे। गायक अजय गिल ने अपनी मधुर गायकी से प्रेम, इंसानियत और सामाजिक एकता का संदेश दिया जबकि चंडीगढ़ से आए गायक आदी ने अपनी जोशीली सूफियाना आवाज से माहौल को भक्तिरस और उल्लास से भर दिया। संगीत और संस्कृति के बीच भावनाओं की ऐसी लय बनी कि हर आने वाला इसे लंबे समय तक याद रखेगा। राजस्थान के पुष्कर से आए देवीलाल ने अपनी विशेष चाय कला से अतिथियों का सत्कार किया, वहीं फतेहाबाद के प्रसिद्ध चार्ली चैपलिन ग्रुप ने समारोह में हास्य और मनोरंजन का रंग घोले। भाना जादूगर ने भी मंच पर अपनी जादू कला से सबको अचंभित कर दिया। ओपन आर्ट ग्रुप अबोहर के कलाकारों द्वारा कुरीतियों के खिलाफ संदेश देती मूक नाटिका से सभी को जागरूक किया गया। क्लब सदस्यों व स्वयंसेवकों ने बहुत ही अनुशासित तरीके से अपने दायित्व निभाते हुए समाज सेवा के इस महायज्ञ को यादगार बना दिया।
ये विशिष्ट अतिथि हुए शामिल:
क्लब प्रधान डा. आशीष गर्ग, पीआरओ मनीष गुप्ता ने बताया कि समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में डा. केवी सिंह, उद्योगपति लाभ सिंह, महिला विकास निगम की पूर्व चेयरमैन रेणू शर्मा, नगरपरिषद चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा, वाइस चेयरमैन अमनदीप बांसल, वरिष्ठ इनेलो नेता संदीप चौधरी, समाज सेवी मदन गुप्ता, कुंवरवीर सिंह हिटलर, वरूण सोनी, श्री मति विनोद गर्ग, हिमांशु जिंदल, पुष्पा देवी एवं गिरधारी लाल गर्ग, अरूण बांसल एवं रूचि, ऋषभ धमीजा, ओमप्रकाश दुरेजा, पवन गुप्ता, कमल अरोड़ा एवं रिया, लक्की गर्ग, डा. पीआर गोल्याण एवं कुसुम गोल्याण, श्री मति ऊषा रानी, उमेश जिंदल, शुभम लूना, आशीष सिंगला, गुलशन सेतिया, कपिल सचदेवा, ममता जग्गा, एनके रामावत, रोहित गर्ग, तेजवीर सिंह, सोनम एवं शुभम कक्कड़ सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे और आयोजन को सामाजिक सरोकारों की मिसाल बताया।
जब अंत में 21 बेटियां विदा हुईं, तो सिर्फ डोलियां नहीं उठीं। उस क्षण समाज का सिर गर्व से ऊंचा हुआ। डबवाली ने यह साबित कर दिया कि जब नीयत सेवा की हो, सोच संवेदना की हो और प्रयास सामूहिक हों, तो विवाह समारोह नहीं-इतिहास रचा जाता है।






