पब्लिक मंच, डबवाली (रवि मोंगा)
बीकानेर में चल रहे खेजड़ी बचाओ महापड़ाव के छठे दिन डबवाली से पहुंचे बिश्नोई सभा के पदाधिकारियों व समाज के लोगों ने आंदोलन में शामिल होकर खेजड़ी कटाई के खिलाफ एकजुटता दिखाई। यह आंदोलन दिन प्रतिदिन व्यापक रूप लेता जा रहा है और सोलर कंपनियों द्वारा खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई को लेकर बिश्नोई समाज में गहरा रोष बना हुआ है।
धरनास्थल से आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि जब तक राजस्थान सरकार खेजड़ी की कटाई पर पूरी तरह रोक नहीं लगाएगी, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने खेजड़ी को राजस्थान का कल्पवृक्ष बताते हुए कहा कि इसके बिना मनुष्य और जीव-जंतुओं का जीवन संकट में पड़ जाएगा। आंदोलनकारियों ने चेताया कि खेजड़ी की कटाई का असर केवल राजस्थान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हरियाणा और पंजाब जैसे पड़ोसी राज्यों में भी तापमान बढ़ने और पर्यावरण असंतुलन का खतरा बढ़ेगा।
डबवाली से बीकानेर गए समाज के प्रतिनिधियों में बिश्नोई सभा डबवाली के अध्यक्ष कुलदीप कुमार जादूदा, सचिव इंद्रजीत बिश्नोई, सदस्य रिटायर्ड कानूनगो विनोद कुमार, जीत राम पूनिया सहित कई पदाधिकारी शामिल थे। वहीं श्री गुरु जम्भेश्वर मंदिर जंडवाला बिश्नोईया के अध्यक्ष शंकर लाल सीगड़ ने 10 घंटे का क्रमिक अनशन कर आंदोलन को मजबूती दी। सैकड़ों की संख्या में लोग लगातार धरनास्थल पर डटे हुए हैं।
इस अवसर पर लालासर साथरी के महंत स्वामी सचिदानंद जी ने जोशीले नारों के माध्यम से लोगों में उत्साह भरा और पेड़ों की रक्षा का संकल्प दोहराया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी एक समाज का नहीं, बल्कि पर्यावरण और प्राणवायु ऑक्सीजन की रक्षा की लड़ाई है। अब इस मुहिम में अन्य समाजों के लोग भी लगातार जुड़ रहे हैं। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार नहीं मानी, तो इसके गंभीर दुष्परिणाम होंगे और सरकार को जनआंदोलन के आगे झुकना पड़ेगा।
एसडीएम को ज्ञापन सौंपेगा डबवाली इलाके का बिश्नोई समाज:
बिश्नोई समाज के लोग सोमवार को डबवाली में भी एकजुटता दिखाएंगे। इलाके के लोग बिश्नोई धर्मशाला डबवाली में एकत्रित होकर यहां से बिश्नोई सभा प्रधान कुलदीप कुमार जादूदा के नेतृत्व में रोष मार्च निकालते हुए एसडीएम कार्यालय तक जाएंगे और एसडीएम अर्पित संगल को ज्ञापन सौंपेंगे। सभा सचिव इंद्रजीत बिश्नोई ने बताया कि इस ज्ञापन के माध्यम से डबवाली का बिश्नोई बीकानेर में चल रहे खेजड़ी बचाओ महापड़ाव का समर्थन करते हुए खेजड़ी की कटाई पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग करेगा।
