बाल मंदिर स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए विदाई समारोह का आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया। यह आयोजन न केवल विदाई का पल था, बल्कि विद्यालय के उन सुनहरे क्षणों को याद करने और भविष्य के नए सफर की ओर कदम बढ़ाने का एक अवसर भी था। इस विशेष मौके की शुरुआत वैदिक परंपरा के अनुसार हवन से हुई। पंडित सुरेश कुमार शास्त्री के कर कमलों से हवन करवाया गया। शैक्षणिक सलाहकार सुरेंद्र कुमार कौशिक और मैडम विजय लक्ष्मी कौशिक यजमान बने। हवन के पवित्र मंत्रों और अग्नि की पावन ज्योति के बीच विद्यालय के विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की गई।
हवन संपन्न होने के बाद, सुंदर व रंग-बिरंगे परिधानों में आए छात्रों का विद्यालय के प्रांगण में भव्य स्वागत हुआ। सभी विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक उपस्थिति से समारोह की शोभा बढ़ाई।
शैक्षणिक सलाहकार सुरेंद्र कुमार कौशिक ने छात्रों को बोर्ड की परीक्षा की शुभकामनाएं दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए सफलता पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि अनुशासन के माध्यम से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने छात्रों को धैर्य, लगन और मेहनत के साथ सर्वोत्तम प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद छात्रों के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया । छात्राओं के नृत्य और छात्रों के भांगड़ा ने विद्यालय परिसर में उपस्थित सभी को झूमने पर विवश कर दिया। छात्राओं व छात्रों ने रैंप वॉक किया ।फिर विद्यार्थियों के लिए विविध गेम्स करवाई गई जिसमें
सभी ने उत्साहित होकर भाग लिया विजेताओं को पुरस्कृत किया गया ।वर्ष भर विद्यार्थियों की लगन मेहनत कर्तव्य निष्ठा में जिम्मेदारियों के निर्वाह आदि बातों को ध्यान में रखकर विभिन्न टाइटलों से छात्रों को नवाजा गया।
मिस्टर बाल मंदिर अजय पाल सिंह व मिस बाल मंदिर का खिताब अमृता ने जीता ।
मिस्टर ह्यूमैनिटी रनदीप सिंह मिस ह्यूमैनिटी सुदीप्ता अरोड़ा , मिस्टर कॉमर्स बंटी ,मिस कॉमर्स अनु , मिस्टर साइंस प्रथम ,मिस साइंस कीर्ति तथा मिस्टर स्टाइलिश खुशमीत सिंह ,मिस एलिगेंट निहारिका मिस कैरिजमेटिक नियति ,मिस्टर परफेक्ट अरमान नागपाल बने ।
निर्णायक की भूमिका मैडम मीनाक्षी कोहली कोमल और पूजा सेठी ने निभाई । मंच संचालन मैडम सेंड्रा कालड़ा तथा शीतल ने किया। अंत में 12वीं की छात्रा सुदीप्ता अरोड़ा ने अपने शिक्षकों पर एक कविता सुनाई जिसको सुनकर सभी बहुत भाव विभोर हो गए।
इसके पश्चात सभी ने बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना और बोर्ड की परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए उन्हें विदा किया।

