डबवाली (प्रतिनिधि):
शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंँचाइयों को छूते हुए बाल मंदिर मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने इस वर्ष दसवीं बोर्ड परीक्षा में अभूतपूर्व सफलता हासिल कर इतिहास रच दिया है। प्रिंसिपल सुरेंद्र कुमार कौशिक ने बताया कि विद्यालय के इतिहास में पहली बार 58 विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, जो विद्यालय के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। इतना ही नहीं डबवाली के आसपास , राजस्थान, पंजाब और हरियाणा क्षेत्र में ऐसी उपलब्धि किसी ने हासिल नहीं की। 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की सर्वाधिक संख्या इसी विद्यालय से होना इसे और भी विशेष बनाता है। वर्ष 1963 में सीबीएसई द्वारा मान्यता प्राप्त प्रथम शिक्षण संस्थान के लिए यह उपलब्धि एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है।
इस ऐतिहासिक सफलता को और अधिक प्रेरणादायक बनाने के उद्देश्य से विद्यालय की प्रबंधन समिति ने विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत जिन्होंने दसवीं कक्षा में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं उन्हें ग्यारहवीं कक्षा में प्रवेश लेने पर 5000 रूपए की धनराशि से पुरस्कृत किया जाएगा, जिन्होंने दसवीं में 90 से 94.9 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें ग्यारहवीं कक्षा में प्रवेश लेने पर 2500रूपए की धनराशि देकर सम्मानित किया जाएगा। यह पहल न केवल विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित भी करेगी।
इसी क्रम में विद्यालय परिसर में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें दसवीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विद्यालय के तीन विद्यार्थियों ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त कर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर आयोजित गरिमामयी कार्यक्रम में टॉपर विद्यार्थियों और उनके माता-पिता को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं प्रबंधन समिति ने मेधावियों की इस सफलता को उनकी निरंतर मेहनत, शिक्षकों के सटीक मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम बताया।
समारोह के दौरान प्रियांशी 98.4 %(प्रथम स्थान), कृशव गोयल 97.4 %(द्वितीय स्थान) और गुरपास सिंह कुल्लार 97% (तृतीय स्थान) को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए विशेष उपहार एवं स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। इस दौरान विद्यालय की प्रबंधन समिति ने छात्रों के अभिभावकों का भी विशेष आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित किया तथा बच्चों को प्रमाणपत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
प्रधानाचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि “हमारे विद्यार्थियों की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के समर्पित प्रयासों का परिणाम है। हमारे शिक्षक सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए तत्पर रहते हैं, और यही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।” उन्होंने सभी विद्यार्थियों को भविष्य में भी इसी लगन और निरंतर प्रयास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नीरज जिंदल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “लगन, अनुशासन और निरंतर परिश्रम ही सफलता की असली कुंजी है। आज की यह उपलब्धि एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। आप सभी विद्यार्थी इसी उत्साह और समर्पण के साथ आगे बढ़ते रहें और जीवन में नए कीर्तिमान स्थापित करें।” उन्होंने शिक्षकों की निष्ठा और अभिभावकों के सहयोग की भी सराहना करते हुए सभी को इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी।
अंत में अन्य विद्यार्थियों को भी इन मेधावियों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया तथा सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया

