महाग्राम चौटाला में जाम्भाणी साहित्य अकादमी बीकानेर एवं श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित जांभाणी संस्कार शिविर का समापन समारोह उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हाईकोर्ट चंडीगढ़ बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एडवोकेट आशीष कुमार बिश्नोई पहुंचे, जिनका मंदिर कमेटी द्वारा पुष्पमालाएं पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिश्नोई सभा डबवाली के अध्यक्ष कुलदीप कुमार जादूदा ने की। उनका भी मंदिर कमेटी द्वारा सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।
मुख्य अतिथि एडवोकेट आशीष कुमार बिश्नोई ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त कर संस्कारवान नागरिक बनना चाहिए और उच्च पदों पर पहुंचकर अपने माता-पिता, समाज और देश का नाम रोशन करना चाहिए । इस अवसर पर कुछ बच्चों ने शिविर में प्राप्त अनुभव साझा किए। पार्थ बिश्नोई ने बताया कि जांभाणी संस्कार शिविर से उन्हें माता-पिता एवं बुजुर्गों का सम्मान करने, प्रतिदिन प्रणाम कर आशीर्वाद लेने तथा अच्छे संस्कारों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने कहा कि वह अगले वर्ष भी शिविर में भाग लेकर और अधिक सीखना चाहेंगे। वहीं शिविरार्थी गुंजन ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए आयोजन के लिए जाम्भाणी साहित्य अकादमी और बिश्नोई मंदिर कमेटी का आभार व्यक्त किया।
पुलिस विभाग की ओर से एएसआई जगतपाल ने बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार की आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करता है। नशे की लत से समाज में सम्मान कम होता है और लोग दूरी बनाने लगते हैं। उन्होंने बच्चों और अभिभावकों से अपील की कि यदि कहीं नशा बेचने की जानकारी मिले तो पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा नशा मुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं तथा जरूरतमंद लोगों का निशुल्क उपचार भी कराया जाता है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि आशीष कुमार बिश्नोई एवं कुलदीप कुमार जादूदा ने मंदिर परिसर में पौधारोपण भी किया। इस दौरान जंडवाला मंदिर प्रधान शंकरलाल सीगड़, पुजारी ओम विष्णु सिवर तथा पुजारी जगदीश कुमार सिवर को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। अध्यक्ष कुलदीप कुमार जादूदा ने बिश्नोई सभा की ओर से शिविरार्थियों के लिए आम भेंट किए।
जिला प्रभारी इंद्रजीत बिश्नोई ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु जम्भेश्वर भगवान ने लगभग 550 वर्ष पूर्व ही हरे वृक्षों की रक्षा और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि वृक्षों और मानव जीवन का गहरा संबंध है। यदि वृक्ष नहीं होंगे तो मानव और जीव-जंतुओं का अस्तित्व भी संकट में पड़ जाएगा। इसलिए पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों की रक्षा प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।
समारोह के दौरान शिविर में आयोजित परीक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। वहीं सभी अतिथियों को भी शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। जीव रक्षा सभा सिरसा के अध्यक्ष एडवोकेट मुकेश कुमार धायल ने भी बच्चों को जीव रक्षा और सेवा भाव के महत्व से अवगत कराया। अंत में उपस्थित अतिथियों ने शिविर की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं और सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया।
इस शिविर को सफल बनाने में मंदिर कमेटी अध्यक्ष मनफूल कालीराणा, आनंद कुमार पूनिया , अकादमी सदस्य जीतराम पूनिया, अध्यापक उदयपाल खीचड़, रामकुमार सहारण, श्रवण कुमार, दलीप कुमार पटवारी, राजेंद्र कुमार कालीराणा, शिवकुमार खीचड़ सहित अनेक युवाओं ने सक्रिय सहयोग दिया और सेवाएं प्रदान कीं।
