पब्लिक मंच नेटवर्क, डबवाली (रवि मोंगा)
पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए रवाना हुए श्रद्धालुओं को अटारी-वाघा बॉर्डर से वापस लौटाए जाने के मामले को लेकर शुक्रवार को स्थानीय कलगीधर गुरुद्वारा साहिब में संगत की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रद्धालुओं ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया।
वक्ताओं ने कहा कि हरियाणा के 94 श्रद्धालुओं को पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन के लिए रवाना किया गया था, जिनमें डबवाली क्षेत्र के 37 श्रद्धालु भी शामिल थे। श्रद्धालुओं के पास वीजा होने के बावजूद उन्हें अटारी बॉर्डर पार करने की अनुमति नहीं मिली और घंटों इंतजार करवाने के बाद वापस लौटना पड़ा। इस घटनाक्रम से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है तथा संगत में भारी नाराजगी है।
संगत ने मांग उठाई कि 21 जून को पाकिस्तान जाने वाले अगले जत्थे के साथ उन सभी श्रद्धालुओं को भेजा जाए, जिन्हें इस बार यात्रा से वंचित रहना पड़ा। बैठक में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि संगत को हुए मानसिक, आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए कमेटी को ठोस कदम उठाने चाहिए।
इस अवसर पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य जगतार सिंह मान, सुखविंदर सिंह चांदी, बलविंदर सिंह गिल, ज्ञानी गुरबचन सिंह, जसवंत सिंह लाल, नरपत सिंह बिट्टू, बलविंदर सिंह, इकबाल सिंह, विजयंत शर्मा, मोहिंदर बांसल, लवप्रीत सिंह, हर्ष सोनी, अरमान सिंह, हकीकत राय मेहता, बाबा बूढ़ा जी ग्रंथी रागी सभा तथा गुरु नानक सेवक जत्था के सदस्य सहित बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही।
बैठक के अंत में सभी श्रद्धालुओं की पाकिस्तान गुरुधाम यात्रा जल्द सुनिश्चित करवाने की मांग दोहराई गई।
