पब्लिक मंच नेटवर्क, डबवाली (रवि मोंगा)
पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए रवाना किए गए हरियाणा के सिख श्रद्धालुओं को सीमा पार न जाने दिए जाने के मामले को लेकर क्षेत्र की संगत में भारी रोष व्याप्त है। इस संबंध में कल शनिवार, 13 जून को प्रातः 11 बजे सब्जी मंडी के नजदीक स्थित गुरुद्वारा गुर-अस्थान कलगीधर सिंह सभा में संगत की एक विशेष बैठक बुलाई गई है।
जानकारी देते हुए ज्ञानी ज्ञान सिंह ने बताया कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा हरियाणा के 94 श्रद्धालुओं के वीजा लगवाकर उन्हें पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन के लिए भेजा गया था। इनमें डबवाली क्षेत्र के 37 श्रद्धालु भी शामिल थे। श्रद्धालुओं का जत्था 9 जून को रवाना हुआ था, लेकिन 10 जून को अटारी-वाघा बॉर्डर पर उन्हें पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं मिली।
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को घंटों तक भीषण गर्मी में सीमा पर खड़ा रखा गया। जब कारण पूछा गया तो संबंधित अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से आवश्यक अनुमति नहीं पहुंची है। इस पर यात्रियों ने कमेटी के पदाधिकारियों से संपर्क किया, जिन्होंने आश्वासन दिया कि अनुमति भेजी जा रही है। इसके बावजूद देर शाम तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी और रात करीब साढ़े आठ बजे श्रद्धालुओं को वापस लौटने के लिए कह दिया गया।
ज्ञानी ज्ञान सिंह ने कहा कि पंजाब और दिल्ली की संगत को पाकिस्तान जाने की अनुमति मिल गई, जबकि हरियाणा की संगत को वापस लौटना पड़ा। इससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा की सिख संगत की भावनाओं के साथ खिलवाड़ हुआ है।
इसी मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने तथा आवाज बुलंद करने के लिए 13 जून को गुरुद्वारा गुर-अस्थान कलगीधर सिंह सभा, सब्जी मंडी डबवाली में संगत की बैठक आयोजित की गई है। उन्होंने क्षेत्र की समस्त सिख संगत से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर बैठक को सफल बनाने की अपील की है।
