एक महीने का काम चार-पांच दिनों में पूरा करने का बनाया जा रहा दबाव, दिन में दो बार मांगी जा रही गूगल शीट रिपोर्ट
संघ ने चेतावनी दी; कहा- समय-सीमा बढ़ाई जाए या सक्षम बेरोजगार युवाओं को दी जाए जिम्मेदारी, जल्द ही जिला प्रशासन से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
पब्लिक मंच नेटवर्क, डबवाली (रवि मोंगा)
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने जिला में चल रहे गहन पुनः निरीक्षण अर्थात एस.आई.आर. कार्य के तौर-तरीकों पर कड़ा ऐतराज जताया है। संघ के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान गुरमीत सिंह, राज्य सचिव कृष्ण कायत, जिला प्रधान वीर सिंह, उपप्रधान बूटा सिंह व जिला सचिव देवेंद्र कुमार ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि जिला में चल रहा यह कार्य यहां की शिक्षा व्यवस्था के लिए आघात साबित हो रहा है और इसमें लगे कर्मचारियों के लिए भारी परेशानी का कारण बना हुआ है। इस कार्य में चूंकि ज्यादातर अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई है, इस कारण बहुत से स्कूल लगभग खाली हो गए हैं जिससे बच्चों की पढ़ाई का भारी नुकसान होगा।
संघ के नेताओं ने बताया कि नियमों के मुताबिक एस.आई.आर. के गणना प्रपत्र भरने के लिए एक महीने का समय दिया गया है जो पहले से ही काफी कम है, लेकिन इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। कर्मचारियों को मात्र चार-पांच दिन में ही सभी गणना प्रपत्र बांटने का अव्यावहारिक टारगेट दिया जा रहा है तथा दिन में दो बार गूगल शीट के माध्यम से रिपोर्ट मांगी जा रही है जो कि पूरी तरह से अनुचित है। अधिकतर मतदाता इन गणना प्रपत्रों को स्वयं नहीं भर सकते और यदि वे इन्हें भरेंगे तो व्यापक स्तर पर गलतियां होना स्वाभाविक है, इसी वजह से यह सारा कार्य बी.एल.ओ. को ही करना पड़ रहा है। बिना किसी सहायक और तकनीकी कर्मचारी के बीएलओ के लिए अकेले यह काम करना अत्यंत कठिन है। इसी प्रकार स्कूल प्रिंसिपलों, पीजीटी व टीजीटी. शिक्षकों को कंट्रोल रूम में नोडल अधिकारी बनाकर स्कूलों से बाहर कर दिया गया है और एक-एक नोडल ऑफिसर को हजारों फॉर्म ऑनलाइन व ऑफलाइन चेक करके मिलान करने के कड़े टारगेट दिए जा रहे हैं।
अध्यापक संघ ने चेताया कि बीएलओ पर इस तरह के अनावश्यक दबाव के चलते पूर्व में अन्य राज्यों में आत्महत्या जैसी बहुत सी अमानवीय घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। इसलिए प्रशासन को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए कार्य की समय अवधि बढ़ानी चाहिए। इसके साथ ही बच्चों की शिक्षा को प्रभावित होने से बचाने के लिए इस कार्य में अलग से सक्षम बेरोजगार युवाओं को लगाया जाना चाहिए ताकि उन्हें रोजगार का अवसर भी मिले और स्कूलों में पढ़ाई का माहौल भी खराब न हो। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ इस गंभीर मामले को लेकर जल्द ही जिला शिक्षा अधिकारी व जिला प्रशासन से मुलाकात करेगा ताकि कर्मचारियों और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा की जा सके। इन बातों पर सुनवाई नहीं की गई तो 25 जून को जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और पूरे राज्य में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के नेतृत्व में धरने दिए जाएंगे अगर फिर भी बीएलओ समस्या का हल नहीं हुआ तो हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ पूरे राज्य स्तर पर बड़ा कदम उठाएगा जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार व जिला प्रशासन की होगी।
