पब्लिक मंच नेटवर्क, डबवाली । (रवि मोंगा)
जय श्री राम नगर नाट्यशाला की रामलीला में राधा-कृष्ण की भव्य झांकी ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। झांकी के दौरान पूरा वातावरण कृष्ण भक्ति से गूंज उठा। राधा-कृष्ण की झांकी का पूजन ठेकेदार सौरभ गर्ग बंटी, आढ़ती शाम लाल जिंदल, गौरव (गिफ्ट गैलरी वाले), वरूष अरोड़ा, काला (बाऊजी चिप्स वाले), प्राध्यापक सोनू बजाज, सुशांत कामरा, एडवोकेट सतपाल सचदेवा, डा. हरसिमरन सिंह, कुंवरवीर सिंह हिटलर, सुरेंद्र ग्रोवर बठिंडा, विशाल सेठी गुरुग्राम, लविश कक्कड़ सहित अन्य गणमान्य लोगों ने किया। प्रसिद्ध रंगकर्मी संजीव शाद ने 'कृष्णा तेरी मुरली ते भला कौन नहीं नचदा...' गीत पर शानदार कोरियोग्राफी प्रस्तुत की। मधुर संगीत और आकर्षक नृत्य के बीच पंडाल में मौजूद दर्शक खुद को झूमने से नहीं रोक पाए।
एसडीएम योगेश दिलहौर भी अपनी पत्नी के साथ रामलीला देखने के लिए पहुंचे। उन्होंने भव्य आयोजन के लिए नाट्यशाला के पदाधिकारियों व सदस्यों की खूब सराहना की। झांकी के उपरांत रामलीला में विभिन्न दृश्यों का मंचन शुरु हुआ। मीडिया प्रभारी रवि मोंगा व पीआरओ जतिन मिढा ने बताया कि अशोक वाटिका के दृश्य में हनुमान जी का माता सीता तक पहुंचना, उन्हें श्रीराम का संदेश देना और लंका में रावण की सेना के साथ संघर्ष करना प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया। इसके बाद लंका दहन के दृश्य ने दर्शकों में रोमांच भर दिया। विभीषण को निकालने से संबंधित दृश्य भी दिखाया गया। हनुमान जी के पराक्रम और श्रीराम के प्रति उनकी अटूट भक्ति को कलाकारों ने सजीव अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। डायरेक्टर टोनी धमीजा व सोनू बब्बर ने बताया कि हनुमान जी के रूप में अभिनव सेठी ने प्रभावशाली अभिनय किया। श्रीराम के किरदार में अंशुल ग्रोवर, लक्ष्मण के रूप में पारुल मेहता और माता सीता के रूप में अनिल शर्मा ने अपनी भूमिकाएं निभाईं। रावण के किरदार में हैप्पी धमीजा, मेघनाथ के रूप में राजू पाहवा, अक्षय कुमार के रूप में रजत, विभिषण के रूप में विकास श्री वास्तव ने भूमिका निभाई। मंच का प्रभावशाली संचालन आचार्य रमेश सचदेवा, गुरदीप कामरा, रवि मोहन एवं वरदान झांब ने बखूबी किया।
सामाजिक संस्थाओं को किया सम्मानित:
सचिव सुनील सेठी व प्रोजेक्ट चेयरमैन निश्चिंत झांब ने बताया कि रामलीला के दौरान शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस पहल के माध्यम से समाजसेवा में जुटी संस्थाओं के कार्यों को प्रोत्साहित किया गया। जय श्री राम नगर नाट्यशाला की रामलीला में प्रतिदिन उमड़ रही भीड़ शहरवासियों की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति लगाव को दर्शा रही है।



